Monday, December 13, 2010

सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सभा में उछाला जूता

हिसार. सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने माइक थामा ही था कि भीड़ में से उछलकर जूता आया। कुछ पुलिसकर्मी जूते की तरफ लपके तो कुछ ने एक आदमी को दबोच लिया। पुलिस उसे रैली से निकाल कर ले गई।

सीएम ने सभा को शांत किया—शुभ कामों में ऐसी चीजें होती हंै तो फिर नजर नहीं लगती। जैसा उन्होंने 22 अगस्त को महेंद्रगढ़ में भी ऐसी ही घटना के बाद कहा था। जूता फेंकने वाला अजीत गांव किरमारा का बर्खास्त फौजी है। हांसी की वकील कॉलोनी में रहता है। आर्मी में नौकरी के दौरान लंबी गैरहाजिरी के बाद 1991 में उसका कोर्ट मार्शल हुआ था। तब से वह खेतीबाड़ी करता है।

अजीत बोला—किसानों को नकली बीज और खाद मिल रही है। कोई कार्रवाई नहीं हो रही। एसपी ने बताया कि अजीत का मानसिक रोग विशेषज्ञ से इलाज चल रहा है। उसे छोड़ दिया गया है। अजीत के भाई रोडवेज कर्मी नेता दलबीर किरमारा का कहना है कि इस घटना से उनका कोई वास्ता नहीं है।

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