नई दिल्ली. राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय (नूपा) द्वारा जारी शिक्षा सूचकांक : 2007-08 में हरियाणा जबरदस्त छलांग लगाकर 7वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले यह 20वें स्थान पर था। वहीं, पंजाब 15 से 12वें पायदाना पर आ गया है। सूचकांक में पुंडुचेरी, केरल और लक्षद्वीप क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर है।
यह था सूचकांक का पैमाना :
शिक्षा सूचकांक को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में आधारभूत ढांचागत व्यवस्था, स्कूलों में दाखिला, शिक्षकों की स्थिति, महिला शिक्षकों की नियुक्ति, एकल शिक्षकों वाले विद्यालय, लैंगिक समानता और ड्रॉप आउट जैसे मानकों के आधार पर तैयार किया गया है।
आधारभूत ढांचागत व्यवस्था में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अच्छा रहा और वह 15वें (पहले 26वें पर) स्थान पर है।
दाखिले में बढ़ोतरी :
हरियाणा, राजस्थान, मप्र, छग में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के दाखिले के मामले बढ़े हैं, जबकि पंजाब और आंध्रप्रदेश आदि में गिरावट आई है। हालांकि सभी राज्यों में संयुक्त रूप से आकलन करने पर दाखिले की दर पहले से बढ़ी है।
कंप्यूटर शिक्षा : मप्र के 12.36 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध है, जबकि छग के 8.52, राजस्थान के 14.88, पंजाब के 30.61 एवं चंडीगढ़ के 76.14 फीसदी स्कूलों में भी यह सुविधा मौजूद है।
Wednesday, January 21, 2009
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