चंडीगढ़ : बता दें कि हरियाणा में ही एशिया की सबसे बड़ी मंडी को बनाया जा रहा है। इस मंडी को बनाने के लिए पीछे डेढ़ दशक से काम किया जा रहा है लेकिन अब जल्द ही इस मंडी को शुरू किया जा सकता है। हरियाणा के किसानों के लिए भी ये मंडी किसी सौगात से कम नहीं है। बता दें कि इस मंडी का काम भी अब लगभग पूरा हो चुका है। इसलिए अब आने बता दें कि हरियाणा के सीएम भी हाल ही में गन्नौर में स्थित अंतर्राष्ट्रीय बागवानी मंडी में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने इस मंडी का निरीक्षण किया और मंडी को जल्द से जल्द चालू करने के निर्देश भी दिए।
बता दें कि ये मंडी एशिया की सबसे बड़ी मंडी है। यहाँ कई तरह के उत्पाद की खरीद बिक्री की जा सकेगी। आइए जानते हैं खबर से जुड़ी खास बातें। कुछ ही महीनों में इसे शुरू भी कर दिया जाएगा।
एशिया की सबसे बड़ी मंडी भी जल्द
बता दें कि अब हरियाणा में बनी एशिया की सबसे बड़ी मंडी भी जल्द ही शुरू होने वाली है। बता दें कि अब कुछ ही महीनों में इस मंडी को शुरू भी कर दिया जाएगा। बता दें कि तत्कालीन कॉंग्रेस ने ही 2004 में इस मंडी की आधारशिला को रखा था। इस मंडी को 550 एकड़ में बनाया गया है। जानकारी के अनुसार ये मंडी एशिया की सबसे बड़ी मंडी होने वाली है। इस मंडी में फल, सब्जी, फूल और डेयरी उत्पाद की खरीद बिक्री की जा सकती है।बता दें कि अब हरियाणा में बनी एशिया की सबसे बड़ी मंडी भी जल्द ही शुरू होने वाली है। बता दें कि अब कुछ ही महीनों में इस मंडी को शुरू भी कर दिया जाएगा। बता दें कि तत्कालीन कॉंग्रेस ने ही 2004 में इस मंडी की आधारशिला को रखा था। इस मंडी को 550 एकड़ में बनाया गया है। जानकारी के अनुसार ये मंडी एशिया की सबसे बड़ी मंडी होने वाली है। इस मंडी में फल, सब्जी, फूल और डेयरी उत्पाद की खरीद बिक्री की जा सकती है।
बता दें कि इस दौरान सीएम मनोहर ने इस मंडी को जल्द से जल्द शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि अब विचार विमर्श के बाद ये दुकानें अलॉट भी कर दी जाएंगी। अगस्त सितंबर में इस मंडी को शुरू किया जा सकता है। इस मंडी को बनाने में भी तीन हज़ार करोड़ का खर्च आया है। किसानों के लिए यहाँ अलग से मार्केट भी बनाई गई है। यहाँ हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और हिमाचलप्रदेश जैसे राज्यों को भी लाभ मिलने वाला है।

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